गाजर की खेती

 गाजर की खेती के लिए बुवाई दो मत मिट्टी गहराई जुटाए और ठंडा मौसम 15 - 25 डिग्री सेल्सियस सबसे उत्तम है 90 से 100 दिनों में तैयार होने वाली नगदी फसल है जो 25 से 30 तन हेक्टर तक पैदावार दे सकती है अगस्त सितंबर देसी या अक्टूबर नवंबर में यूरोपियन में बुवाई करें और साड़ी गोबर के खाद का प्रयोग करें प्रति एकड़ चार से पांच किलो बीच की आवश्यकता होती है।


गाजर की खेती के प्रमुख बातें

उचित समय.. अगस्त सितंबर और मुख्य फसल सितंबर अक्टूबर में बुवाई जाती है।

मिट्टी और खेत की तैयारी..

रेतीली दो मटिया बुलाई माटी सबसे अच्छी है मिट्टी के बीच होना चाहिए खेत को दो-तीन बार गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना रहना चाहिए।

बीज और बुवाई..

बीज को 1 - 1 सेंटीमीटर गहराई पर बाय कतर से कतर की दूरी से 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 8 से 10 सेंटीमीटर होना चाहिए प्रति एकड़ 4 से 5 किलो बीज प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है।


गाजर की उन्नत किसमे समय..

उषा केसर पूसा हुदा और एशियाई हुआ यूरोपीय किस्म का चयन किया जा सकता है उनका केसर पूजा और उड़ा है।सिंचाई और उर्वरक बुवाई के बाद हल्की सिंचाई आवश्यक आवश्यक है नवी बनाए रखें गोबर की खाद 10 टन हेक्टेयर और आवश्यकता अनुसार डीएपी 50 ग्राम एमपी 30 ग्राम का उपयोग करें।

गाजर के फसल की सुरक्षा ..

पत्तियों पर धब्बे देखने पर को मेनको जेब 2 ग्राम प्रति लीटर का छिड़काव करें फसल तैयार होने का समय 90 से 100 दिन।

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