चने की खेती कैसे करें?

चने की खेती कैसे करें।

चना रवि के मौसम की एक मुख्य दल हनी फसल है जिसके लिए उचित जल निकासी वाली दो मिट्टी और 20-25 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त है बुवाई का सबसे अच्छा समय अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से 20 नवंबर तक है

चना की उत्तम किस्म।

पूजा मानव,दफ्तरी ,202, 204,विशाल,जैकी 9218 यह सबसे अच्छी किस्म है इनकी पैदावारी 12 से 15 प्रति एकड़ कुंतल है

चना की खेत की प्रमुख प्रक्रियाएं खेत की तैयारी।

खेत की दो बार गहरी जुताई करनी है एक बार रोटर रोटर वेटर से पतली मिट्टी करनी है जिससे अच्छे से चना की बनी हो सके।

चने बुवाई की विधि।

चना को एक एकड़ में 50 किलोग्राम से 55 किलोग्राम तक बुआई करनी चाहिए पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर से 14 सेंटीमीटर रहना चाहिए चना को सुख में बुवाई करना चाहिए जिससे वह पर्याप्त मात्रा में होता है।

बीज उपचार।

चना का बीज उपचार ट्रैक्टर के जाले तेल आले का प्रयोग करना चाहिए इससे उगता रोग नहीं लगता और ट्राइकोडर्मा से करना चाहिए
चने की खरपतवार के लिए चना की खरपतवार को मजदूरों से निधाई करवाना चाहिए।

सिंचाई की विधि।

चने में पानी का बहुत महत्व है चना को पानी बहुत काम चाहिए चना को मिट्टी के मिट्टी के हिसाब से पानी देना चाहिए काली मिट्टी होती है तो उसको नोज जल से पानी देना चाहिए और रेताली मिट्टी होती है तो उसको पाइप द्वारा पानी देना चाहिए चने में डबल से पानी नहीं भरना चाहिए नहीं तो सूख जाते हैं।

खाद उर्वरक।

बुवाई के समय प्रति एकड़ 30 किलो डीएपी 5 किलो प्रति एकड़ सल्फर 5 किलो एकड़ प्रति नाइट्रोजन को साथ में मिलाकर बुवाई करनी चाहिए।

दवाई डालने का समय।

जब फसल 40 से 45 दिन की हो जाएगी जब पहले स्प्रे करना चाहिए. दूसरा स्प्रे 55 से 65 दिन के बीच में करना चाहिए. इल्ली का स्प्रे टॉनिक और ओकरा रोग का 

फसल कटाई के समय।

जब पत्ते पीले के गिरने लगे हैं घटिया पीले पीले पड़ने लगे हैं जब कटाई करवाना चाहिए हाथ से चने की फसल का टाइम चने की फसल 110 से 120 दिन में कट जाती है।

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